mirakrishna.com

सनातन धर्म को जानें
सनातन धर्म का शाश्वत मार्ग सनातन धर्म के दिव्य ज्ञान, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़ने का पवित्र मंच।
प्रेम, भक्ति और लीलाओं का शाश्वत मार्ग श्रीकृष्ण–राधा के दिव्य प्रेम, भक्ति
और आध्यात्मिक चेतना से जुड़ने का
पावन मंच।
और अधिक जानें
और जानें

सनातन धर्म क्या है?

सनातन धर्म वह शाश्वत जीवन-दर्शन है, जो सृष्टि के आरंभ से विद्यमान है और जिसका आधार सत्य और चेतना है। यह धर्म मनुष्य को धर्म, कर्म, ज्ञान और भक्ति के माध्यम से आत्मिक उन्नति की ओर प्रेरित करता है। सनातन धर्म का उद्देश्य मानव को नैतिकता, करुणा, अहिंसा और सेवा के मार्ग पर चलकर जीवन को सार्थक बनाना सिखाना है।

सनातन धर्म की मुख्य विशेषताएँ

शाश्वत सत्य पर आधारित

सनातन धर्म न तो किसी व्यक्ति से जुड़ा है और न ही किसी युग तक सीमित, बल्कि यह सदा से विद्यमान है।

वेदों में निहित मूल ज्ञान

ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद सनातन परंपरा के प्राचीन स्तंभ हैं, जिनमें जीवन और ब्रह्मांड के गूढ़ सत्य समाहित हैं।

कर्म और परिणाम का नियम

मनुष्य के प्रत्येक कर्म का प्रभाव होता है — सद्कर्म सुख की ओर ले जाते हैं और दुष्कर्म पीड़ा का कारण बनते हैं।

आत्मा की शाश्वत यात्रा

शरीर नश्वर है, पर आत्मा अमर। सनातन दर्शन में मोक्ष को जीवन की सर्वोच्च अवस्था माना गया है।

सभी पथों का सम्मान

सनातन धर्म यह स्वीकार करता है कि विभिन्न साधनाएँ एक ही परम सत्य की ओर ले जाती हैं।

संस्कारों द्वारा जीवन-संस्कार

सनातन परंपरा में जन्म से अंत तक किए जाने वाले संस्कार मानव जीवन को संतुलित और संस्कारित बनाते हैं।

सनातन धर्म के पावन ग्रंथ

सनातन ग्रंथ जो युगों से मानवता का मार्गदर्शन करते आए हैं

भगवद गीता

भगवद गीता जीवन जीने की कला सिखाती है।
कर्म, धर्म और आत्मज्ञान का अमूल्य मार्गदर्शन।

रामायण

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का आदर्श जीवन — सत्य, त्याग और कर्तव्य की प्रेरणा।

महाभारत

धर्म और अधर्म के संघर्ष की महागाथा, जिसमें जीवन का संपूर्ण दर्शन समाहित है।

उपनिषद

उपनिषद आत्मा और परमात्मा के रहस्यों को उजागर करते हैं। यह हमें सिखाते हैं कि आत्मा अमर है और ब्रह्म ही अंतिम सत्य है।

पुराण

पुराण सृष्टि, भक्ति, कर्म और मोक्ष का सरल ज्ञान देते हैं तथा धर्म, करुणा और सत्य के मार्ग पर चलना सिखाते हैं।

वेद

वेद मानव सभ्यता के सबसे प्राचीन ग्रंथ हैं। ऋग्वेद, यजुर्वेअथर्ववेद जीवन, प्रकृति और ब्रह्मांड का दिव्य ज्ञान प्रदान करते हैं।

सनातन धर्म में देवी-देवता​

जीवन की शक्तियों और मूल तत्वों के प्रतीक हैं।​

भगवान शिव

वैराग्य और ध्यान

भगवान विष्णु

संरक्षण और धर्म

माता शक्ति

ऊर्जा और सृजन

श्री गणेश

बुद्धि और मंगल

हिन्दू पर्व

हिन्दू पर्व क्या हैं?

हिन्दू पर्व भारतीय संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक जीवन का अभिन्न अंग हैं। ये पर्व ऋतु परिवर्तन, धार्मिक मान्यताओं, देवी-देवताओं की उपासना और जीवन के नैतिक मूल्यों से जुड़े होते हैं। हिन्दू पर्व हमें धर्म, कर्म, भक्ति, त्याग और समाज के साथ जुड़ाव का संदेश देते हैं।

दीपावली

दीपावली को प्रकाश का पर्व कहा जाता है। यह भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की खुशी में मनाया जाता है। यह अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है।

होली रंगों और प्रेम का पर्व है। यह सामाजिक भेदभाव को मिटाकर भाईचारे और आनंद का संदेश देती है।

नवरात्रि में माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। यह शक्ति, भक्ति और आत्मशुद्धि का पर्व है।

यह पर्व भगवान शिव की उपासना को समर्पित है। उपवास, रात्रि जागरण और ध्यान द्वारा शिवभक्ति की जाती है।

भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाने वाला यह पर्व धर्म और कर्म का संदेश देता है।

यह सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का पर्व है और फसल उत्सव के रूप में पूरे भारत में मनाया जाता है।

सनातन संदेश

सनातन के प्रेरणास्रोत

“यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत… तदा आत्मानं सृजाम्यहम् – धर्म की रक्षा हेतु मैं अवतरित होता हूँ।”
श्रीमद्भगवद्गीता (भगवान श्रीकृष्ण)
“मैं उस धर्म का अनुयायी हूँ जिसने संसार को सहिष्णुता और सार्वभौमिक स्वीकृति सिखाई। सनातन धर्म केवल आस्था नहीं, बल्कि मानवता का शाश्वत मार्ग है।”
स्वामी विवेकानंद
“सनातन धर्म मेरे जीवन की आत्मा है। यह सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।”
महात्मा गांधी
संपर्क करें

सनातनी आंदोलन से जुड़ें

सनातन धर्म के पुनरुत्थान का हिस्सा बनें। गौ माता की पवित्र शुद्धता को अपनी दैनिक आध्यात्मिक साधना में लाने के लिए हमसे जुड़ें।

फोन

ई-मेल

स्थान

भारत